भिलाई नगर- बहुआयामी कला प्रशिक्षण संस्था गीत वितान कला केन्द्र रूआबाधा के तत्वावधान में गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165 वी जयंती का भव्य आयोजन महात्मा गाँधी कला मंदिर सभागृह सिविक सेन्टर में किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री मोना सेन (अध्यक्ष) राज्यमंत्री, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम, श्री ललित चंद्राकर (उपाध्यक्ष कैबिनेट मंत्री दर्ज़ा, विधायक दुर्ग ग्रामीण) प्रो डॉ संजय तिवारी (कुलपति) हेमचंद यादव विश्व विद्यालय, डॉ आर आर बी सिंह (कुलपति) कामधेनु विश्व विद्यालय , नील कुमार शर्मा मुख्य महाप्रबंधक एवं व्यापार इकाई प्रमुख, NSPCLविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।
भिलाई इस्पात संयंत्र, एफ एस एन एल, एन एस पी सी एल , एवं बैंक आफ बड़ौदा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रमका शुभारम्भ गुरूदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुरके छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया । संस्था के उपाध्यक्ष श्री सोमेन कुण्डू ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया । इस अवसर पर संस्था की वाषिर्क पत्रक “सोनार तोरी ” का विमोचन मंच पर उपस्थित अतिथि के द्वारा किया गया । संस्था की ओर से सभी अतिथि गण को गुरूदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का छायाचित्र स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया गया ।सास्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ रवींद्रसंगीत “शुखेर माझे तोमाय देखेछी ” संस्था के गायन विद्यार्थी की ओर से प्रस्तुत किया गया एवं वादन विभाग के छात्र छात्राओं ने गिटार एवं की बोर्ड पर रवीन्द्र संगीत के धुन “आकाश भरा सूरजो तारा ” को प्रस्तुत किया । रवीन्द्र उत्सव में गुरूदेव के जीवन की उज्वल गाथा को डॉक्यूमेंटरी ड्रामा “कवि गुरु “के माध्यम से संस्था के 122 कलाकार से सजीव किया गया । जहाँ कला के विविध आयाम- रवींद्रसंगीत, रवीन्द्रनाट्यम, एवं नाटिका की अभिव्यंजना और दर्शन के रूप में प्रस्तुत किया गया । इस प्रस्तुति में केवल साहित्य ही नहीं, बल्कि मानवीय चेतना, प्रकृति प्रेम, शिक्षा पद्धति, राष्ट्रवाद, नारी सशक्तिकरण का चित्रण नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया ।शांति निकेतन के दृश्य ( कला भवन, उपासना गृह, पाठभवन, संगीत भवन) का चित्रण किया गया जहाँ प्रकृति की गोद में शिक्षा, साधना को दर्शाया गया ।
नाटक निर्देशन नृत्यमणी मिथुन दास के द्वारा किया गया । पाश्राव संगीत मे चन्द्रा बैनर्जी, डेनिल कोसारिया, हर्ष सोनटेके, अमन बड़ाडे एवं रूद प्रसन्न जेना ने संगत किया । स्व स्वर कविता पाठ जाॅली चक्रवर्ती एवं नाटक मे आलेख का पाठ रचना श्रीवास्तव, नीना बागची के द्वारा किया गया ।
रवीन्द्र उत्सव के आयोजन को करने मे नरेन्द्र कुमार बंछोर, वंश बहादूर सिंह , वी के मोहम्मद, रजनी सिन्हा, सोमेन कुण्डू, प्रदीप कुमार मित्रा, शुधेन्दु बागची, सुब्रत विकास चौधरी, राजकुमार उइके, सौरभ चक्रवर्ती, मनोज ठाकरे, शैलेश चाहंडे, अस्मिता बैनर्जी, स्वच्छता सेवा समिति भिलाई, ईश्वर कृपा सेवा समिति भिलाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।